रिपोर्टर :- पवन कुमार झा आजाद, बिहार अंतर्गत जारी सीओ एवं राजस्व कर्मियों की हड़ताल का कोई खास व्यापक असर नहीं हुआ है। क्योंकि अधिकारी सीओ एवं राजस्व कर्मियों सहित विचौलियो की वजह से आप रैयती, किसान परेशान हैं वर्षों से आम लोगों का तेजी से दूर दो वर्षों में भी बगैर बिना लेनदेन का जमीन से संबंधित दाखिल खारिज निष्पादन नहीं होता है। लोगों का आफिस, आनलाइन शाप से लेकर क्षेत्र में अमीनो तक भटकते देखा जा रहा है। हालांकि दूसरी ओर जारी हड़ताल पर सरकार सख्त हैं। और जनसरोकार, जनहित में आम रैयतियों की समस्या का शीघ्र, त्वरित गति में निष्पादन कराने के प्रति प्रतिबद्ध है। मगर अंचल कर्मियों अधिकारियों की अड़ियल रवैए से समन्वय स्थापित नहीं हो पाता है। खासकर क्षेत्र से लेकर आफिस के इर्द-गिर्द सक्रिय विचौलिए के कारण सरकार को बदनामी हो रही है। समय रहते आम लोगों रैयती की जमीन से संबंधित कार्यों का निष्पादन नहीं हो पाता है। आज गुरुवार, 12मार्च 2026 को हमने बिहार झारखंड के लिए कुछ किसानों लोगों से बातचीत की है।
बिहार में हड़ताल का आंशिक असर, राजस्व कर्मियों की मनमानी से परेशान हैं आम रैयती, किसान बिना लेनदेन का दाखिला खारिज नहीं होता है।
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