डाक विभाग और उसके कार्यरत कर्मियों की लापरवाही, कैसे डाक दिल्ली की बजाए चेन्नई पहुंच गयी।

News Publisher  

रिपोर्टर – पवन कुमार झा आजाद, बिहार/ झारखंड :- बिहार अंतर्गत दरभंगा प्रमंडलीय मुख्यालय शहर और मिथिला की अघोषित राजधानी में गत दिनांक 1/6/26 को एक महत्वपूर्ण बच्चे के नामांकन से संबंधित डाक्यूमेंट दरभंगा से दिल्ली ( पश्चिमी दिल्ली,बकौली) स्पीड पोस्ट की गई थी। गनीमत है कि पांच दिन बीत जाने के बाद डाक हरगिज दिल्ली नहीं पहुंची थी। मगर जब सर्चिंग मसलन विधिवत आनलाइन बिल रसीद से डाक की ट्रेक कराये जाने पर पता चला कि आपकी डाक चेन्नई भेजी गई है।सवाल है कि कैसे किस सूरत में इस डाक को दिल्ली की बजाय चेन्नई भेजी गई थी। यह उपभोक्ता अधिकार का एक तरह से हनन है। वहीं दूसरी विभाग और कर्मियों की स्पष्ट लापरवाही का पता चलता है। आप ऐसे कैसे छात्र के भविष्य के साथ भद्दा खिलवाड़ कर सकते हैं। जानकारी की पुष्टि होने पर। जब हमें पता चला तो हतप्रभ रह गए हैं। मामले में बिहार महाडाकपाल और भारत के मुख्य महा नियंत्रक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से त्वरित गति में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सवाल बना हुआ है कि ऐसे में इतनी जानबूझकर लापरवाही कैसे की जा सकती हैं?