“हर शुक्रवार डेंगू से युद्ध” अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष फॉगिंग स्प्रे टीमें भेजी गईं

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रिपोर्टर:दीपक राज,  पंजाब सरकार के आदेशानुसार, स्वास्थ्य मंत्री पंजाब डॉ. बलबीर सिंह के निर्देशानुसार, उपायुक्त श्रीमती साक्षी साहनी के नेतृत्व में, सिविल सर्जन अमृतसर डॉ. स्वर्णजीत धवन ने “हर शुक्रवार डेंगू से युद्ध” अभियान के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डेंगू जागरूकता अभियान चलाया और डेंगू के लार्वा की खोज की। इस अभियान के अंतर्गत रमदास, अजनाला, लोपोके और आसपास के सभी गाँवों में लार्वा-रोधी गतिविधियाँ चलाई गईं और आम नागरिकों को डेंगू चिकनगुनिया के प्रति जागरूक किया गया। इसके बाद, उन्होंने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया और डेंगू और चिकनगुनिया के लार्वा की खोज की और कई स्थानों पर पाए गए लार्वा को मौके पर ही नष्ट कर दिया। सिविल सर्जन डॉ. स्वर्णजीत धवन ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई जगहों पर पानी जमा होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके साथ ही जहां पानी जमा होगा, वहां मच्छर भी पनपेंगे, इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें और कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि डेंगू से बचने के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना सबसे जरूरी है। इसके साथ ही पूरी बाजू के कपड़े पहनना और मच्छर भगाने वाली क्रीम आदि का इस्तेमाल करना भी हमें डेंगू से बचा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर के सभी हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और एंटी-लार्वा गतिविधियां चला रही हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. हरजोत कौर ने बताया कि डेंगू एक वायरल बुखार है जो एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर साफ पानी में अंडे देता है, जो एक सप्ताह के अंदर लार्वा और अंडों से वयस्क मच्छरों में विकसित हो जाते हैं। इसलिए, सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को डेंगू अभियान चलाया जा रहा है ताकि मच्छर के जीवित चक्र को तोड़ा जा सके और इसे लार्वा अवस्था में ही समाप्त किया जा सके।
इस अवसर पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. राजिंदर पाल कौर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भारती धवन, जिला परिवार कल्याण अधिकारी नीलम भगत, एएमओ गुरदेव सिंह, सलविंदर सिंह, एसआई सुखदेव सिंह, हरविंदर सिंह, हरकमल सिंह, बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह, रणजोध सिंह, कुलदीप सिंह, संजीव कुमार, जगदीश सिंह आदि उपस्थित थे।