स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड-19 वैक्सीन लगाने की तैयारियां पूरी

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गुरुग्राम, नगर संवाददाता: जिले में प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड-19 वैक्सीन लगाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 16 जनवरी से शुरू होने वाले अभियान के लिए आवश्यक स्वयंसेवियों को भी तैयार कर लिया गया है। पहले चरण में लगभग 40 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

जिला उपायुक्त डा. यश गर्ग ने लघु सचिवालय मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर पोर्टल पर डाटा फीड किया गया है। प्रदेश को प्राप्त होने वाली कोविड वैक्सीन को बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल चंडीगढ़ में प्राप्त करेंगे। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि केंद्र सरकार से प्रदेश को कितनी वैक्सीन दी गई है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि बृहस्पतिवार तक गुरुग्राम में यह वैक्सीन आ जाएगी।

वैक्सीन को लेकर आमजन में भ्रांतियों को लेकर सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव ने कहा कि इसे दूर करने के लिए सबसे पहले वे स्वयं वैक्सीन लगवाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डा. नरेश त्रेहन, उप सिविल सर्जन डा. सुशीला कटारिया से भी वे यह वैक्सीन लगवाने का आग्रह करेंगे। साथ ही उन्होंने गुरुग्राम के नवनियुक्त उपायुक्त डा. यश गर्ग, जो स्वयं एक डाक्टर हैं, से भी वैक्सीन लगवाने का अनुरोध करेंगे।

इस मौके पर उपायुक्त भी मौजूद थे। उन्होंने भी इसके लिए हामी भर दी। सिविल सर्जन ने कहा कि इससे अधिक भ्रांति दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि वैक्सीन लगने से व्यक्ति में उस बीमारी के प्रति एंटीबाडी विकसित होती हैं जो व्यक्ति के शरीर से बीमारी से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित करती हैं।उन्होंने कहा कि मानव जाति ने किसी भी बीमारी पर विजय वैक्सीन के बल पर ही पाई है। इसलिए कोविड वैक्सीन को लेकर किसी को भी भयभीत होने की जरूरत नहीं है।

उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील किया कि जब तक जिले की 70 प्रतिशत से ज्यादा आबादी को कोविड बचाव वैक्सीन न लग जाए, तब तक सावधानी बरतें और कोविड प्रोटोकोल का पालन जारी रखें। इसमें फेसमास्क लगाना, हाथों को साबुन से धोना या सैनिटाइज करना और एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखना जरूरी है। सिविल सर्जन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जनवरी को प्रथम चरण के वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के लिए जिले में 161 सेंटर बनाए गए हैं। प्रत्येक सेंटर पर 100 स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड बचाव का टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह वैक्सीन लगवाना अनिवार्य नहीं, बल्कि एच्छिक है।

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