बिहार में प्रसिद्ध सीतामढ़ी की सीता जन्मस्थली पुनौराधाम मिथिला और देशभर के भक्तों सनातनियों के लिए शक्ति, साधना व प्रेरणा का है केंद्र।

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रिपोर्टर – पवन कुमार झा आजाद, बिहार अंतर्गत सीतामढ़ी जिले और नगर क्षेत्रों का यह पुनौराधाम मिथिलेशकुमारी अर्थात् सीता माता,तनया की प्राचीन जन्मस्थली आज भी हजारों वर्षों से मिथिला और देशभर के श्रद्धालुओं, सनातनियों भक्तों के लिए एक भक्ति, साधना व प्रेरणा का केंद्र लगातार बना हुआ है। बिहार झारखंड भारत सुर्खियां के माध्यम से हमने शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को पहुंचकर जायजा लिया है। श्रद्धालुगण यहां पधारने या पहुंचने के बाद स्वयं और परिवार धन्य धन्य महसूस करते हैं। क्योंकि ये साक्षात् जगन्नमाता सीता जी का मूल प्राचीन त्रेतायुग, रामायणकालीन जन्मस्थान है। हम आपको बताएं कि मिथिला हमेशा से विद्या, साधना व शक्ति का मुख्य स्थान रहा है। जिसकी देश से लेकर विश्व में इसकी जानकारी, वर्णन मिलती है। भक्तगण तो माटी को नमन करते हैं। और तो और आने के लिए लालायित रहते हैं। सीतामढ़ी के इस प्राचीन धाम या जगह पर मिथिला राज्य तत्कालीन मे जब अनावृष्टि अकाल हुईं थीं तो राजा जनक को मिली थी। और जनकपुर भी उक्त स्थल से समीप सटा हुआ है। हमने इस क्रम में कुछ सनातनियों, भक्तों से बातचीत की है। मुख्य पूजारी, पुनौराधाम मंदिर,, सीतामढ़ी मिथिला/ बिहार ने अपनी बात हमारी मीडिया इंटरव्यू में रखीं।