डॉ. नबज्योति बोरा पूर्वोत्तर भारत के न्यूरोसर्जरी क्षेत्र का गौरव और भरोसे का सबसे बड़ा नाम।

News Publisher  

रिपोर्टर : पिनाकी धर (गुवाहाटी, असम) :- जब ज़िंदगी और मौत के बीच का फ़ैसला किसी एक हाथ में हो, जब ब्रेन और स्पाइन जैसी सबसे नाज़ुक सर्जरी की बात हो, तब जिस नाम पर पूरे पूर्वोत्तर भारत में सबसे पहले भरोसा किया जाता है, वह नाम है डॉ. नबज्योति बोरा। असम ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत में उन्होंने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में उत्कृष्टता, समर्पण और मानवता का ऐसा मानक स्थापित किया है, जो उन्हें एक साधारण डॉक्टर से कहीं ऊपर, एक प्रेरणास्रोत बनाता है। डॉ. बोरा की महानता सिर्फ़ ऑपरेशन थिएटर तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी इंसानियत उन्हें एक देवतुल्य चिकित्सक बनाती है। हाल ही में उन्होंने एक बेहद कम आय वर्ग के परिवार की मदद कर समाज के सामने एक मिसाल पेश की। उस परिवार की महिला ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थी और इलाज का खर्च उठाना उनके लिए नामुमकिन था। डॉ. बोरा ने न केवल उस महिला का सफल ऑपरेशन बिना एक भी पैसा लिए किया, बल्कि जब मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिली, तो उन्होंने स्वयं उस महिला को 2000 रुपये दिए ताकि वह फल और पौष्टिक आहार ले सके। एक डॉक्टर द्वारा किया गया यह निस्वार्थ और करुणामय व्यवहार सचमुच ईश्वर के समान है और आज के समय में बहुत दुर्लभ भी। मेडिकल फील्ड में जब बात ब्रेन और स्पाइन जैसे बेहद संवेदनशील अंगों की होती है, तो सिर्फ़ स्किल ही नहीं बल्कि डॉक्टर का अप्रोच, धैर्य और इंसानियत भी उतनी ही ज़रूरी होती है। असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत में डॉ. नबज्योति बोरा एक ऐसे न्यूरोसर्जन के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, एक्सपर्टीज़ और पेशेंट फ्रेंडली नेचर से हज़ारों परिवारों का भरोसा जीता है। कई मरीज़ों के अनुभव यह साफ़ तौर पर बताते हैं कि डॉ. बोरा सिर्फ़ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि अपने मरीज़ों के लिए एक दोस्त और मार्गदर्शक की तरह हैं। स्पाइन सर्जरी हो, स्लिप डिस्क, कमर दर्द, गर्दन दर्द या फिर जटिल ब्रेन केस उनका इलाज हमेशा पूरी जाँच और सही प्लानिंग पर आधारित होता है। एक मरीज़ के शब्दों में स्पाइन सर्जरी के बाद अब मैं पूरी तरह ठीक हूँ दर्द पूरी तरह चला गया। यह सिर्फ़ एक मामला नहीं, बल्कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ मरीज़ फिर से चलने लगे, काम करने लगे और सामान्य ज़िंदगी जीने लगे। डॉ. बोरा के मरीज़ों में बुज़ुर्ग लोग भी शामिल हैं, जिनके मामलों में उम्र के कारण जटिलताएँ और पैरालिसिस का डर रहता है। एक माँ के गंभीर कमर दर्द के मामले में, जहाँ दवाइयाँ बेअसर हो चुकी थीं, डॉ. बोरा ने पूरी तैयारी और सावधानी के साथ सर्जरी की। आज वह माँ अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी सामान्य रूप से जी रही हैं। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। स्ट्रोक जैसे गंभीर मामलों में भी डॉ. बोरा का शांत और आत्मविश्वास से भरा रवैया मरीज़ों के परिवारों को उम्मीद देता है। एक परिवार ने बताया कि जब ज़्यादातर डॉक्टरों ने सीमित समय की बात कही, तब डॉ. बोरा ने केस को गहराई से समझा, हर बात विस्तार से समझाई और लगभग 10 घंटे की लंबी सर्जरी के बाद सफल परिणाम दिया। आज मरीज़ स्वस्थ है और परिवार हमेशा डॉ. बोरा का आभारी रहेगा। उनकी विशेषज्ञता सिर्फ़ स्पाइन तक सीमित नहीं है। पिट्यूटरी ट्यूमर जैसे दुर्लभ और जटिल ब्रेन केस में भी उन्होंने बेहतरीन काम किया है। एक बच्ची, जिसका ट्यूमर बचपन से ही बिना लक्षण के था, जब समस्या सामने आई तो डॉ. बोरा ने बिना किसी जल्दबाज़ी के सही डायग्नोसिस किया और समय पर सर्जरी की। आज वह बच्ची पूरी तरह ठीक है और अपनी पढ़ाई व भविष्य पर ध्यान दे रही है। मरीज़ बार बार डॉ. बोरा के डाउन टू अर्थ स्वभाव, साफ़ बातचीत और आसानी से उपलब्ध रहने वाले व्यवहार की तारीफ़ करते हैं। वह हर मरीज़ को पूरा समय देते हैं, उसकी समस्या ध्यान से सुनते हैं और इलाज की हर प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से समझाते हैं। इसी वजह से लोग उन्हें पूर्वोत्तर भारत का बेस्ट न्यूरोसर्जन और वर्ल्ड क्लास डॉक्टर कहते हैं। आज के दौर में, जब मेडिकल ट्रीटमेंट अक्सर व्यवसाय जैसा लगता है, डॉ. नबज्योति बोरा जैसे डॉक्टर इंसानियत और प्रोफेशनलिज़्म की जीवंत मिसाल हैं। उनका काम और उनके मरीज़ों की कहानियाँ यह साबित करती हैं कि सही हाथों में इलाज न सिर्फ़ जान बचाता है, बल्कि ज़िंदगी को बेहतर ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक भी बनाता है।