रिपोर्टर पिनाकी धर, असम, गुवाहाटी, हिंदू सुरक्षा सेना ने असम ने हिरासत शिविरों में बंद हिंदुओं की तत्काल रिहाई और ‘डी’ मतदाता समस्या के समाधान की मांग की है। संगठन की केंद्रीय समिति की अध्यक्ष कंचन नाथ के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारें में सरकार बनाने के बावजूद इन मुद्दों को हल करने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रही हैं। मुख्य माँगें: – हिरासत शिविरों से हिंदुओं की रिहाई, असम ने मांग की है कि सरकार हिरासत शिविरों में बंद हिंदुओं को तुरंत रिहा करे और उन्हें कैद में रखना “शर्मनाक” बताया है। – ‘डी’ मतदाता समस्या का समाधान: संगठन ने ‘डी’ मतदाता समस्या के समाधान की भी मांग की है, जहाँ लोगों को “संदिग्ध” मतदाता के रूप में चिह्नित किया जाता है और उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हिरासत शिविरों और ‘डी’ मतदाताओं का मुद्दा असम में एक विवादास्पद मुद्दा रहा है, जहाँ कई लोगों, विशेष रूप से बंगाली मूल के हिंदुओं को अपनी नागरिकता साबित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हिंदू सुरक्षा सेना ने असम के सरकार पर राज्य और केंद्र में सरकार बनाने के बावजूद इन मुद्दों को हल करने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। संभावित परिणाम: अगर सरकार इन मुद्दों का समाधान नहीं करती है, तो हिंदू सुरक्षा सेना ने असम के पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की धमकी दी है। संगठन ने मंत्री रंजीत दास को भी इस मुद्दे पर बयान देने से आगाह किया है।
असम ने हिरासत शिविरों में बंद हिंदुओं की तत्काल रिहाई और ‘डी’ मतदाता समस्या के समाधान की मांग।
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