“अब कोटा जाने की ज़रूरत नहीं: असम में शुरू हुई Bansal Classes की NEET–JEE कोचिंग”

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रिपोर्टर :- मोनोज तालुकदार, गुवाहाटी :- नामनी असम के बजाली ज़िले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक आनंदराम बरुआ एकेडमी ने Bansal Classes, Kota के साथ संयुक्त सहयोग में आगामी शैक्षणिक सत्र से NEET और JEE परीक्षार्थियों के लिए एक उच्च-स्तरीय समेकित (इंटीग्रेटेड) कोचिंग कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। मुख्य रूप से असम के विद्यार्थियों को चिकित्सा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाने के उद्देश्य से पाठशाला स्थित आनंदराम बरुआ एकेडमी में इस समेकित कोचिंग की व्यवस्था की गई है। आज आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी देते हुए एकेडमी के रेक्टर, प्राचार्य एवं प्रबंध निदेशक डॉ. रणजीत डेका ने बताया कि Bansal Classes, Kota के साथ शुरू किए गए इस नए समन्वित NEET और JEE कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं— * विद्यार्थियों को असम में ही कोटा स्तर की कोचिंग सुविधा, अध्ययन सामग्री और मेंटरशिप उपलब्ध कराना। * अनुशासित शिक्षण और परीक्षा-आधारित शिक्षा प्रणाली के माध्यम से भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और गणित में मजबूत बुनियादी ज्ञान विकसित करना। * विद्यालयी शिक्षा और कोचिंग को एकीकृत कर नियमित पाठ्यक्रम के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का समन्वय करते हुए विद्यार्थियों का शैक्षणिक दबाव कम करना और उनकी दक्षता बढ़ाना। * प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को चयनित कर सहयोग प्रदान करना।
* Bansal Classes के अनुभवी शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, उच्च-स्तरीय अध्ययन मॉड्यूल, मॉक टेस्ट और परिणाम विश्लेषण की सुविधा देना।
* चिकित्सा और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को काउंसलिंग, प्रेरणादायक सत्र और करियर प्लानिंग के लिए पेशेवर मार्गदर्शन व मेंटरशिप प्रदान करना। * नियमित मूल्यांकन, कमजोरियों की पहचान और अभिभावक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति की निगरानी करना। * शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी विस्तार के लिए विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय संगठनों के साथ सहयोग करना। * असम से NEET और JEE में सफल उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाने के साथ राज्य में एक सशक्त प्रतियोगी शिक्षा संस्कृति का निर्माण करना।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के कोटा शहर में मुख्यालय वाला Bansal Classes भारत के प्रमुख प्रतियोगी परीक्षा तैयारी संस्थानों में से एक है, विशेषकर JEE और NEET के क्षेत्र में यह एक अग्रणी संस्थान के रूप में जाना जाता है। प्रेस वार्ता में उपस्थित Bansal Classes की पूर्वोत्तर भारत की व्यावसायिक प्रमुख चांदनी खत्री नाथ ने कहा कि कोटा को भारत का सबसे बड़ा competitive coaching hub बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले Bansal Classes का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं—जैसे इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, मेडिकल प्रवेश परीक्षा, माध्यमिक/उच्च माध्यमिक, NTSE, ओलंपियाड और अन्य फाउंडेशन कोर्स—के लिए प्रश्न बैंक, मॉक टेस्ट और नियमित मूल्यांकन के माध्यम से प्रशिक्षित करना है।
उन्होंने आगे कहा कि Bansal Classes का लक्ष्य केवल परीक्षा का सिलेबस पढ़ाना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सोचने की क्षमता, समस्या-समाधान कौशल और आत्मविश्वास को विकसित करना भी है। अब इस प्रसिद्ध Bansal Classes की दूसरी शाखा असम के पाठशाला में उपलब्ध होगी। इस पाठ्यक्रम के लिए नामांकन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और शीघ्र ही कक्षाएं आरंभ होंगी। इच्छुक विद्यार्थी एवं अभिभावक आनंदराम बरुआ एकेडमी के प्रबंधन से संपर्क कर सकते हैं। आज की इस प्रेस वार्ता में आनंदराम बरुआ एकेडमी के रेक्टर, प्राचार्य एवं प्रबंध निदेशक डॉ. रणजीत डेका, सीनियर सेकेंडरी शाखा की प्राचार्या नंदिता बर्मन, Bansal Classes की पूर्वोत्तर प्रमुख चांदनी खत्री नाथ, भौतिकी के बिपुल शर्मा और विकास कुमार, गणित की सुभा मौड़, जीवविज्ञान की अनन्या यादव, रसायन विज्ञान के गौरव कुमार तथा सह-प्रबंधक रजत चेतरी सहित Bansal Classes के अधिकारी और आनंदराम बरुआ एकेडमी के शिक्षकगण उपस्थित थे।