रिपोर्टर: पिनाकी धर, गुवाहाटी, असम, मैं धुबरी के गोलोकगंज में कोच राजबोंगशी समुदाय के प्रदर्शनकारियों पर असम पुलिस द्वारा किए गए क्रूर हमले की कड़ी निंदा करता हूँ, जो अखिल कोच राजबोंगशी छात्र संघ के तत्वावधान में अनुसूचित जनजाति का दर्जा माँग रहे थे। यह निंदनीय घटना असम सरकार की राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों और सम्मान के प्रति घोर उपेक्षा और अनादर को उजागर करती है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मुद्दे के प्रति उदासीनता और उदासीनता दिखाई है। असम के युवा सरकारी दमन और उपेक्षा के बजाय सार्थक संवाद, आत्म-सम्मान, लोकतांत्रिक अधिकार, समान विकास और सम्मान चाहते हैं।” गौरव गोगई का बयान राज्य के मूल निवासियों और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है, जिसमें अनुसूचित जनजाति की मान्यता की माँग और पुलिस की बर्बरता पर चिंताएँ शामिल हैं।
गौरव गोगई का बयान राज्य के मूलनिवासी समुदायों और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है, जिसमें अनुसूचित जनजाति की मान्यता की मांग और पुलिस की बर्बरता पर चिंता व्यक्त की गई है।
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