जोधपुर, राजस्थान/आकाश जोशीः सूर्य नगरी चित्रकला के रचनाकार-जोधपुर सूर्यकी नगरी अपने अलग अलग अंदाज़ से हर दिल पर छाप छोड़ती है। जोधपुर के माणक लाल का अनूठा ही सहयोग है। देश विदेश में सूर्यनगरी के नाम का परचम लहराने में माणक जी को चित्रकला में महारथ हासिल है। मानो द विन्ची का अनूठा आशीर्वाद मिला हो हूबहू ऑइल पेंटिंग कैनवास पर बनाते है 5000 पेंटिंग द विन्ची की अनूठी और सबसे खास मानी जाने वाली मोनालिसा पेंटिंग बना कर देश विदेश में नाम कमा चुके है और लाइव फाइन स्केच भी बनाते है माणक जी 75वर्ष के है। इनको विशेष चित्र कला के लिए बृजमोहन गुप्ता कला अवार्ड देवदास कला केंद्र की तरफ से नवाजा जा चूका है और जोधपुर विन्ची के नाम से भी जाना जाता है। मनो माणक जी ने अपना जीवन इस कला के लिए ही समर्पित कर दिया। माणक जी की पेंटिंग में एक ख़ास बात होती है कहीं से भी देखने पर ऐसा लगता है जैसे पेंटिंग देख रही हो। माणक जी बताते है14वर्ष की उम्र से सीखने पर 40वर्ष की उम्र में इस तपस्या की प्राप्ति फल के रूप में हुई। आज भी वे नए नए प्रयास करते है। चित्रकला में माणक जी साधरण जीवन व्यापन करते है और निशुल्क गरीब बच्चो को चित्रकला सिखाते है देश विदेश के लोगो का आये दिन जमावड़ा लगा रहता है। माणक जी का हुनर देखने के लिए जैसे जैसलमेर का सोनार किला, जोधपुर किला, ताजमहल, सिंहरी, मोनालिसा, रानी पद्मिनी, महाराणाप्रताप बहुत ही विश्व में प्रचलित चित्रकला मन को लुभाने वाली है और संस्कृति से भी जोड़ती है। ऐसी कोई पेंटिंग नहीं जो माणक जी को चुनोती दे सके। हूबहू पानी का रंग दिखा देते है।
अलग अलग अंदाज़ से हर दिल पर छाप छोड़ने वाली माड़क जी की पेंटिंग
News Publisher