रिपोर्टर:- पवन झा आजाद, राज्य —–बिहार/ झारखंड:- अंतर्गत मधुबनी जिले में आज हमने बिहार झारखंड भारत सुर्खियां दैनिक के माध्यम से आम मरीजों, नागरिकों की मांग पर फुलपरास अनुमंडल अस्पताल पहुंचकर जायजा लिया है।इस दौरान औचक भ्रमण के क्रम में कुछ प्रबंधन में कमियां सामने आई है। कुछ दवाएं मरीज़ ने बताया कि नहीं मिल रही है। हमने कुछ मरीजों, आम लोगों से मौके पर खोजीं रिपोर्टिंग के क्रम में बात की। उन्होंने अपनी बात हमारी अखवार भारत सूर्खिया दैनिक के संग शेयर की है। एक्स-रे जांघ का रिस्पांस नहीं मिलने की बात हमें कुछ स्थानीय नागरिकों ने बताई है।समय रहते बेहतर प्रबंधन से ठीक किया जा सकता है। मगर अस्पताल में भारी मरीज़ पहुंचते हैं।आज एक और पाज़िटिव जानकारी मिली कि जिस तरह से कुत्तों के काटने से रैबीज जनित बीमारी से बचाव के लिए दी जाने वाली सूई उपलब्ध कराई गई है। जिसमें डीएम मधुबनी के नेतृत्व में लगातार सेवाओं में सुधार देखने को मिल रहा है। हमारे सामने कयी मरीजों को रैबीज की इंजेक्शन लगाई जा रही थी हमारी रिपोर्ट लिखे जाने तक। संपर्क करने पर फुलपरास अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर आफताब आलम ने बिहार झारखंड को बताया कि अस्पताल में रैबीज की भी अब दवा उपलब्ध हैं। ग्रसित मरीजों को चिकित्सा परामर्श के बाद इंजेक्शन लगाई जा रही है। हालांकि एक मरीज की मधुमेह की दवा की शिकायत की बाबत अनुपलब्ध रहने से साफ़ इंकार किया है। उनकी देखरेख में यहां बेहतर प्रबंध की कोशिश की जा रही है।
फुलपरास अनुमंडलीय अस्पताल का जायजा, भवन में बरामदे पर मरममति की जरूरत, चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोशिश है जारी|
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