सब सवर्ण समाज के आगे झूकी सरकार , वार्ता को बेताव आज की महापंचायत सह यूजीसी वापस लिए जाने, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने, विवादित एसटी एससी एक्ट वापस लेने के समर्थन में विशाल प्रदर्शन को तत्काल टाला गया।

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रिपोर्टर – पवन झा आजाद, दिल्ली :- दिल्ली में रविवार, 20 सितंबर, 2026 को आहूत समस्त सवर्ण समाज का आंदोलन के क्रम में महापंचायत सह विशाल प्रदर्शन को देखते हुए भारत सरकार और दिल्ली राज्य सरकार पूरी एलर्ट मोड में थी। सरकार ने 20 सितंबर को आंदोलन करने की अनुमति आखिरकार नहीं दी है। विगत 19 सितंबर को जेपी नड्डा मंत्री भारत सरकार, जितेंद्र सिंह व अन्य नेताओं को सवर्ण समाज के प्रतिनिधि, नेताओं से बातचीत कर इस बात के लिए मना लिया गया कि 20 सितंबर को महापंचायत सह प्रदर्शन नहीं करेंगे।सो तत्काल प्रभाव से टाला गया। दिल्ली पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नाकाबंदी थी। देखना है कि अब सभी समाज के प्रतिनिधि और सरकार के बीच किस सूरत में वार्ता होगी। और सरकार कितना अमल करती है। फिलहाल भारत सरकार और प्रशासन झूक गई है। यह स्पष्ट है। क्योंकि अगर नाराजगी बढ़ी और विरोध का सिलसिला लगातार इस तरह से चलता रहा तो खेल खराब हो सकता है। सरकार से मामला सुलझाने का विकल्प और अवसर हाथ से निकल सकता है? जिसका प्रतिकूल खामियाजा यूपी सहित कयी राज्यों के विधानसभा चुनाव व अन्य सभी चुनावों पर पड़ना तय है। इससे सरकार पिछले कयी माह से सरकार डरी हुई थी। और चिंतित भी। देखना है अब बातचीत या वार्ता के बाद क्या परिणाम निकलकर आता है।आज रविवार को माऊ , यूपी से आए भाई राजेंद्र कुमार। अधिवक्ता ने बताया कि सवर्ण समाज की जीत होगी। सरकार सभी मांगे मानेगी। इस आशय की जानकारी सूत्रों के हवाले से आ रही है। समाचार माध्यमों में भारत सरकार के मंत्री जेपी नड्डा ने जानकारी दी है।आज सवर्ण समाज के युवाओं, छात्रों में आक्रोश देखा गया है । भारत सुर्खियां दैनिक ने जायजा लेने के दिल्ली पहुंचकर जायजा लिया।कयी संगठन से जुड़े युवा कार्यकर्ता और छात्रगण बावजूद विरोध प्रदर्शन छिटपुट कर रहे हैं। और मोदी सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से अमल कर शीघ्र समय रहते कार्रवाई की मांग की।