रिपोर्टर – राहुलकुमार अग्रवाल, पुणे, महाराष्ट्र :- तांबोळी गणपति महोत्सव की ओर से सभी गणेश भक्तों का सहर्ष स्वागत करते हुए इस वर्ष भी सामाजिक जनजागृति की परंपरा को कायम रखा गया है। गणपति महोत्सव के अवसर पर इस वर्ष ‘अंमली पदार्थ सेवन विरोधी जनजागृति’ विषय पर विशेष सामाजिक देखावा प्रस्तुत किया गया है। आज समाज के सामने बढ़ती नशे की लत एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी में बढ़ती व्यसनाधीनता चिंता का विषय है। भारत की युवा शक्ति देश की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है। इसी युवा शक्ति को नशे से दूर रखने और सही दिशा देने का संदेश इस सामाजिक देखावे के माध्यम से दिया गया है। देखावे में दो अलग-अलग परिस्थितियों के माध्यम से युवाओं के जीवन पर उनके निर्णयों के प्रभाव को दर्शाया गया है। एक ओर ऐसे युवाओं को दिखाया गया है, जो शिक्षा के बाद गलत संगत, पान टपरी, कॉलेज पार्टियों और पब जैसी जगहों से धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में आते हैं। बढ़ते खर्च और व्यसन के कारण वे अपराध की राह पर पहुंचते हैं और अंततः पुलिस स्टेशन से लेकर जेल तक की स्थिति का सामना करते हैं। इसके बाद उन्हें नशामुक्ति केंद्र में उपचार और पुनर्वास की आवश्यकता पड़ती है। वहीं दूसरी ओर मेहनत और अनुशासन के साथ शिक्षा पर ध्यान देने वाले युवाओं को दर्शाया गया है। स्कूल और कॉलेज के बाद क्लासेस एवं अभ्यासिका में मेहनत कर वे अच्छे अंकों से सफलता प्राप्त करते हैं तथा आगे चलकर उच्च प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट और सैन्य अधिकारी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित स्थान हासिल करते हैं। देखावे में विभिन्न जनजागृति संदेशों और घोषणाओं के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया गया है। विशेष रूप से “अंमली पदार्थ का मारा दम, तुम्हें लेने आएगा यम” जैसे संदेश के माध्यम से नशीले पदार्थों के गंभीर दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसी संदेश को और प्रभावशाली बनाने के लिए साक्षात यमराज को आकाश से आते हुए भी दर्शाया गया है। आयोजकों ने कहा कि युवाओं को नशे के संकट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी केवल उनके परिवार की नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का भी कर्तव्य है। युवाओं को व्यसन से दूर कर उन्हें शिक्षा, मेहनत और सकारात्मक दिशा की ओर प्रेरित करना आवश्यक है। इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि—
“करें एक ही निर्धार,
अंमली पदार्थों को करें हद्दपार!”
महाराष्ट्र पुलिस अंमली पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स (ए. एफ. टि. एफ.) तथा भोई प्रतिष्ठान, पुणे के साथ मिलकर अंमली पदार्थों के विरुद्ध जनजागृति अभियान में सहभागी बनने और गणराय की साक्षी में नशामुक्त समाज एवं नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील भी की गई।