रिपोर्टर – शैलेश, उत्तर प्रदेश :- लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निरंतर संवाद बढ़ाकर निवेश के नए अवसर विकसित करने और प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने YEIDA के अंतर्गत प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि प्रस्तावित 500 एकड़ भूमि में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने जापान में सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में होने वाले विभिन्न वैश्विक आयोजनों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल भेजने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्योगपति और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करने की बात कही गई, जिससे उत्तर प्रदेश-जापान संबंधों को और मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री ने जापानी भाषा प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यामानाशी प्रांत सहित जापान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को मजबूत किया जाए। जापानी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख बौद्ध स्थलों पर बेहतर सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने ऐसा बौद्ध पर्यटन रूट विकसित करने पर जोर दिया, जिसमें सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु सहित अधिक से अधिक स्थलों को जोड़ा जा सके। उन्होंने आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित करने को कहा, ताकि प्रदेश के युवाओं और उद्यमियों को जापान के विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल सारनाथ और जापान के नारा को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के बीच द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दोनों क्षेत्रों के टूर ऑपरेटरों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
जापानी निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए अहम निर्देश।
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