खानापाड़ा असम ग्रंथ मेले में साहित्यिक आयोजन, पाथार पब्लिशर्स ने किया डॉ. दिगंत राजबंशी की पुस्तक का लोकार्पण

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रिपोर्टर : मोनोज तालुकदार, गुवाहाटी, असम, बीते कल 27 दिसंबर को गुवाहाटी के खानापाड़ा स्थित असम ग्रंथमेले के डॉ. बसंत कुमार भट्टाचार्य सभागृह में धमधमा महाविद्यालय के असमिया विभाग के प्राध्यापक डॉ. दिगंत राजबंशी की पुस्तक ‘असमिया साहित्य समीक्षा’ का विधिवत विमोचन किया गया।
पुस्तक का विमोचन प्रख्यात साहित्यकार एवं निबंधकार तथा गुवाहाटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. दिलीप बोरा, प्रसिद्ध अनुवाद साहित्यकार बिपुल देउरी और असम प्रकाशन परिषद के सचिव प्रमोद कलिता द्वारा किया गया। विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. दिलीप बोरा ने कहा कि दिल से जाति, भाषा और संस्कृति से प्रेम करने वालों की संख्या लगातार घट रही है। आज अचानक राष्ट्रप्रेमी बनने वाले लोग तो बहुत मिल जाते हैं, लेकिन वर्तमान समय में एक प्रकाशक के लिए 200 प्रतियों से अधिक पुस्तक प्रकाशित करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। निबंधकार बिपुल देउरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि ग्रंथमेले जैसे आयोजन प्रकाशकों और पुस्तक प्रेमियों को निरंतर प्रोत्साहित करते हैं। पाथार पब्लिशर्स के सलाहकार तथा असम सांस्कृतिक महासभा के अध्यक्ष पवित्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन किया गया। पाथार पब्लिशर्स की ओर से अतिथियों का स्वागत महिधर कलिता ने किया। पुस्तक के प्रकाशन के तुरंत बाद ‘असमिया साहित्य समीक्षा’ को साहित्य जगत में विशेष सराहना मिली है, यह जानकारी पाथार पब्लिशर्स की ओर से विजय चौधरी ने दी।