प्रेस विज्ञप्ति अभय जैन, जनहित पार्टी

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रिपोर्टर : पिनाकी धर , दिसपुर, गुवाहाटी, असम राज्य में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर NRC की प्रक्रिया सन् 2019 में सम्पन्न हुई। इसमें बड़े पैमाने पर हुए घोटाले के चलते, करीब 80 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिये अपने आप को भारतीय नागरिक साबित करने में सफल हो गए। CAG ने भी अपनी रिपोर्ट में 260 करोड़ के घोटाले का उल्लेख किया है। NRC में हुए इस घोटाले के चलते बांग्लादेशी घुसपैठियों को असम में नागरिकता मिलना, असम के भावी अस्तित्व के साथ ही पूरे देश की सुरक्षा और उसकी अखंडता के लिये खतरा है। भविष्य में इसके गंभीर परिणाम पूरे देश को भुगतने होंगे। भाजपा का प्रमुख एजेंडा तथा चुनावी वादा ही अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने का रहा है परन्तु इसके उलट इन घुसपैठियों को नागरिकता देना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसको लेकर पूरे देश में चिन्ता एवं जनता मे रोष व्याप्त है। जनहित पार्टी NRC में हुई इस धांधली के चलते अवैध रूप से घुसे इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को मिलने वाली नागरिकता का विरोध कर रही हैं। पिछले 1 वर्ष से भी अधिक समय से जनहित पार्टी इस विषय को लेकर देशभर में जनजागरण कर रही है। जिसके अंतर्गत कई राज्यों में इसको लेकर जन जागरण यात्रा निकाली गई। इसी क्रम में 17 दिसंबर को जनहित पार्टी के लगभग 200 कार्यकर्ता भारत के अलग-अलग हिस्सों से आकर असम की राजधानी गुवाहाटी में चौराहे पर जनजागरण अभियान और 18 दिसंबर को प्रेस क्लब में वार्ता उसके पश्चात असम के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को इस विषय को लेकर ज्ञापन भी दिया। जनहित पार्टी के इस राष्ट्रव्यापी अभियान के परिणाम स्वरूप अवैध घुसपैठ जैसी गंभीर चुनौती आज राष्ट्रीय परिचर्चा के केंद्र में आई है। इसके साथ ही NRC के प्रमुख रहे और इस घोटाले के आरोपी प्रतीक हजेला ( पूर्व आईएएस) पर भी आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। चुनाव आयोग भी SIR कराकर घुसपैठियों को मतदाता सूची से बाहर करने को लेकर प्रयासरत हैं। राष्ट्रहित में जनहित पार्टी के देशभर से आये कार्यकर्ताओं की असम सरकार से माँग है कि…

1. 80 लाख बांग्लादेशी घुसपैठियों से भरी असम की राष्ट्रीय नागरिकता सूची को खारिज किया जाए।
2. NRC में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक कार्यवाही की जाए।
3. राजीव गांधी के असम समझौते को निरस्त कर असम में घुसपैठियों का प्रवेश वर्ष 1971 से बदलकर वापस 1951 करने को लेकर केन्द्र सरकार से अनुशंसा करें।
4. पूरी एनआरसी की प्रक्रिया ईमानदारी से पुनः संपन्न कराई जाए।
5. जो भी अवैध घुसपैठिए अभी तक चिन्हित हुए हैं उनके सभी सरकारी दस्तावेज रद्द कर उन्हे बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की जाए।