रिपोर्टर : मोनोज तालुकदार, गुवाहाटी, असम की पत्रकारिता जगत ने आज अपना एक युगद्रष्टा स्तंभ खो दिया। वरिष्ठ पत्रकार, द असम ट्रिब्यून के पूर्व संपादक और प्रबंध निदेशक प्रफुल्ल गोविंद बरुआ का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका जाना न केवल एक व्यक्ति का जाना है, बल्कि मूल्यनिष्ठ, निर्भीक और समाजोन्मुख पत्रकारिता के एक पूरे युग का अवसान है।1963 में वे “द असम ट्रिब्यून” में पत्रकारिता से जुड़े। गुवाहाटी से प्रकाशित इस प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी दैनिक के साथ उन्होंने लंबे समय तक निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। बाद में वे इस समाचार पत्र के प्रधान संपादक बने और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। प्रफुल्ल गोविंद बरुआ ने दशकों तक पत्रकारिता को केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन बनाया। उनकी लेखनी में तथ्य की दृढ़ता, विचारों की स्पष्टता और जनहित की प्रतिबद्धता झलकती थी। शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में उनका योगदान असम के सामाजिक जीवन में हमेशा स्मरणीय रहेगा। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2018 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और समाज के प्रति उनकी आजीवन सेवा का सजीव प्रमाण है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया, जो उनके राष्ट्रीय महत्व और व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। प्रफुल्ल गोविंद बरुआ की विरासत आने वाली पीढ़ियों के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार, सहकर्मियों व पाठकों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
असम की पत्रकारिता का युगद्रष्टा स्तंभ अस्त: प्रफुल्ल गोविंद बरुआ का निधन।
News Publisher