जुबिन गर्ग मौतकांड: SIT ने 3500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 7 आरोपितों पर गंभीर धाराएँ

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रिपोर्टर : मोनोज तालुकदार, गुवाहाटी, असम के प्रसिद्ध कलाकार जुबिन गर्ग की मौत के मामले की जांच में लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा अब खत्म हो गई है। इस घटना की जांच कर रही SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने आखिरकार अदालत में एक विशाल चार्जशीट दायर कर दी है। शुक्रवार को कामरूप महानगर जिला के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की गई।यह चार्जशीट लगभग 3500 पन्नों की है। इसमें जुबिन गर्ग की मौत कैसे हुई, किसने क्या किया, क्या-क्या सबूत मिले—इन सभी बातों का विस्तृत विवरण शामिल है। इस घटना पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय भी स्वयं न्यायिक जांच कर रहा है। न्यायमूर्ति सौमित्र शইकिया के नेतृत्व में गठित टीम गवाहों के बयान, दस्तावेज़ों आदि के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में कुल 7 आरोपियों को रखा गया है। न्यायिक हिरासत में रखे गए 4 आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (BNS) के तहत आरोप लगाए गए हैं। हत्या के मामले में BNS की धारा 103 लागू की गई है। सिद्धार्थ शर्मा, श्यामकांत महंत, अमृतप्रभा महंत और शेखरज्योति गोस्वामी के खिलाफ धारा 103 के तहत आरोप लगाया गया है। संदीपन गर्ग के खिलाफ धारा 105 के तहत आरोप दायर किया गया है। PSO प्रवेश बैश्य और नल्देवर बरवा के खिलाफ CBT लागू किया गया है। विश्वास भंग से संबंधित आरोप भी BNS की इस CBT में शामिल किए गए हैं। कुल 300 गवाहों को चार्जशीट में शामिल किया गया है। छिंगापुर में नॉर्थ–ईस्ट फेस्टिवल का आयोजन करते समय 19 सितंबर को रहस्यमय परिस्थिति में जुबिन गर्ग की मृत्यु हुई थी। इस घटना से जुड़े रहने के आरोप में नॉर्थ–ईस्ट फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, जुबिन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, जुबिन गर्ग के सहयोगी भाऊ तथा असम पुलिस के निलंबित डीएसपी सन्दीपन गर्ग, शेखरज्योति गोस्वामी, सहयोगी कलाकार अमृतप्रभा महंत और निजी सुरक्षा कर्मी परेश बैश्य तथा नंदेशकऱ बर्मन को गिरफ्तार किया गया था।
एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अस्पताल की जांच में जुबिन गर्ग द्वारा पीएचडी ट्रस्ट को लगभग 1.1 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन मिलने की बात सामने आई है और इस वित्तीय अनियमितता को लेकर भी जांच चल रही है।