रिपोर्टर: पवन कुमार झा आजाद, बिहार, और झारखंड राज्य समेत पूरे हिंदुस्तान में सोमवार, 22 सितंबर,, 2025 से परंपरागत रुप से और वैदिक मंत्रोच्चार के संपूर्ण वातावरण में कलश स्थापना के संग शारदीय नवरात्रि आरंभ हो गई है। प्रथम दिन सोमवार को क्रमशः जगतमाता के पहले स्वरूप शैलपुत्री और मंगलवार को ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई है। इस तरह से देशभर में शारदीय नवरात्रि की धूम मची हुई है। बिहार में भी खासकर वार्षिक शारदीय नवरात्रि का बड़ा आयोजन सैकड़ों वर्षों से किया जाता रहा है। और तो और विधि विधान से नियम से आचार्यों, अनुभवी पंडितों की देखरेख में पद्धति से पूजा पाठ की परंपरा है। अब बात करते हैं बिहार अंतर्गत प्रसिद्ध मिथिला की। मिथिला में मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया सहित सभी जिलों में दुर्गा पूजा का महा आयोजन की दूर दूर तक विख्यात है। क्योंकि विशेषकर मिथिला देश में तो परंपरा व लोक व्यवहार व संस्कृति की खुश्बू, मिठास विश्वभर में फैली है। और वैसे भी कयी मायने हैं। आजकल हर सनातनी अपनी संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा अपितु अखंड तरीके से लगातार अक्षुण्ण रखने के प्रति एकजुट, सजग हैं। हमारी न्यूज नेटवर्क बिहार झारखंड भारत सुर्खियां राष्ट्रीय दैनिक व ज़ुल्म से जंग आपको बताए कि यहां संध्याकालीन सामूहिक आरती प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अह्ले सुबह से ही नर, नारी श्रद्धालुओं को सार्वजनिक देवी दुर्गा मंदिरों आदि में पूजा अर्चना के लिए लगातार सिलसिला जारी है।
बिहार और झारखंड सहित पूरे कलश स्थापना के संग शारदीय नवरात्रि हुई शुरू,जगह जगह चप्पे पर मातारानी की आराधना की है धूम।
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