नई दिल्ली, नगर संवाददाता: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की दरों में 5 और 10 रुपये प्रति लीटर की कमी करके सिर्फ अपनी बिगड़ती स्थिति को संभालने की कोशिश है, क्योंकि 3 लोकसभा और 30 विधानसभा के उपचुनावों में मिली करारी हार से भाजपा को आभास हो गया है कि जनता उन्हें नकार रही है। उन्हांने कहा कि 5 और 10 रुपये की कटौती के बावजूद आज दिल्ली में पेट्रोल 104.01 रुपये और डीजल 86.71 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली में रसोई गैस प्रति सिलेंडर 899.50 रुपये है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यदि मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल की बढ़ती दरां से लोगों को राहत ही देना चाहती है तो उन्हें यूपीए की कांग्रेस सरकार के दौरान लिए जाने वाली एक्साईज ड्यूटी के बराबर कर देना चाहिए। उस दौरान पेट्रोल पर 24.34 रुपये और डीजल पर 13.77 रुपये एक्साईज ड्यूटी वसूली जाती थी। चौ0 अनिल कुमार ने कहा पिछले 5 महीनों से लगातार बढ़ने वाली पेट्रोल और डीजल के दरों व रसोई गैस के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि से जनता पर अतिरिक्त बौझ पड़ा है, भाजपा सरकार पेट्रोल-डीजल की दरों में मामूली कटौती करके भाजपा की मोदी सरकार देशवासियों को धोखा दे रही है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को बढ़ती महंगाई और प्रतिदिन बढ़ते पेट्रोल और डीजल की दरों से दिल्ली की जनता को बड़ी राहत देने के लिए केन्द्र द्वारा एक्साईज ड्यूटी में कटौती के साथ-साथ वेट टैक्स की दरों में तुरंत कटौती की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार पेट्रोल पर 30 प्रतिशत वेट और डीजल पर 16.75 प्रतिशत वेट की जगह कांग्रेस की दिल्ली सरकार के समय वसूला जाने वाले पेट्रोल पर 20 प्रतिशत और डीजल पर 12.50 प्रतिशत वेट के बराबर कर देना चाहिए। उन्हांने कहा कि कांग्रेस की केन्द्र सरकार के कार्यकाल में में रसोई गैस की कीमतें 414 रुपये थी जो मोदी सरकार ने बढ़ाकर 899.50 रुपये कर दिए है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि 2013 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार के समय जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 118 डॉलर प्रति बैरल था तब प्रति लीटर पेट्रोल 76 रुपये और डीजल 52 रुपये था। जबकि वर्तमान में कच्चा तेल गिरावट के साथ 86डॉलर प्रति बैरल होने के बावजूद भाजपा की केन्द्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों के दामों को कम करने की बजाय तेल कम्पनियों की पक्षधर की भूमिका निभा रही है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि पिछले 7 वर्षों में भाजपा की मोदी सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों पर एक्साईज डयूटी के रुप में 23.25 लाख करोड़ से अधिक राशि और अरविन्द केजरीवाल सरकार ने 25000 करोड़ रुपये से अतिरिक्त का राजस्व वसूला है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारों की लोगों को राहत देने की नियत ही नही है, क्योंकि पेट्रोलियम पदार्थों से लाखों करोड़ रुपये राजस्व वसूलने के बावजूद सरकार उपभोक्ताओं को राहत नही दे रही है। उन्होंने कहा कि भारी मुनाफा कमाने के बाद अरविन्द केजरीवाल लोगों के पैसे को पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और गोवा में 2022 के विधानसभा चुनावों में अपने राजनीतिक प्रचार में लगा रहे है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी ने मोदी सरकार द्वारा लगतार बढ़ाऐ गए पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि का हमेशा विरोध किया है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्तमान वर्ष के फरवरी महीने से ही पेट्रोलिय पदार्थों में कटौती की बात करती रही है, क्योंकि पेट्रोलियम पदार्थो की दरों में बढ़ोत्तरी के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं, तेल तिलहन व सब्जियों के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल जी और रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए तर्क की आवाज को अहमियत नही दी परंतु हाल ही में हुए उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा जैसी साम्प्रदायिक पार्टी को पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उप चुनाव नतीजें भाजपा के लिए खतरे के संकेत है।