बिहार के भोजपुर में क्षेत्रांतर्गत भरतपुर,बिलौटी गांव में स्वास्थ्य की वजह से कुछ दिनों के बाद आशा देवी, दिवंगत भरत जी की माता के अनशन को संशोधित किया गया।अब तक न्याय नहीं मिली है!

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रिपोर्टर – पवन कुमार झा आजाद, बिहार/ झारखंड :- बिहार अंतर्गत भोजपुर जिले के चर्चित बिहार का लाल और हिंदुस्तान राष्ट्र का सच्चा सपूत दिवंगत शहीद युवा व्यक्तित्व भरत भूषण तिवारी जी को हमारी रिपोर्ट लिखे जाने तक आजतक बिहार की प्रशासन व सरकार की ओर से न्याय नहीं मिल सकी है। भरत भूषण तिवारी जी और परिजन को न्याय और मांगो को लेकर महा आंदोलन लगातार जारी है। विभिन्न मास मीडिया, समाचार माध्यमों में भी न्याय के लिए धर्मयुद्ध जारी है। हमने बिहार झारखण्ड भारत सुर्खियां राष्ट्रीय दैनिक के माध्यम से भरतपुर पहुंचकर मौजूदा स्थिति का गहराई से जायज़ा लिया है। जिसमें कयी नयी पुराने बिंदुओं का पता चला है। आज भी बिहार सरकार और उच्च स्तर की प्रशासन की जारी उदासीनता से चूहा बिल्ली का खेल चल रहा है। मामले को दबाने के लिए भी सनसनीखेज गुपचुप तरीके से किये जाने की सूत्रों से जानकारी मिल रही है। भोजपुर जिला प्रशासन व पुलिस, जगदीशपुर अनुमंडल का एसडीपीओ, अनुमंडल पदाधिकारी बिहार का संदिग्ध रवैया गंभीर आरोप चर्चा में है। वही बिहार झारखंड भारत सुर्खियां दैनिक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताएं कि दिवंगत भरत तिवारी जी के परिजनों पर असुरक्षा की आशंकाएं बनीं हुई है। परिजनों ने मामले में संलिप्त पदाधिकारियों, पुलिस पर कयी गंभीर आरोप लगाएं है। बल्कि और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और उच्च न्यायालय से समय रहते त्वरित गति में कठोर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार प्रशासन व पुलिस से कोई दबाव में झूकने या समझौता नहीं करेंगे। संपूर्ण मामले में कठोर कार्रवाई और न्याय मिलने तक। हमने परिजन और कयी आय लोगों से बातचीत की है।