रिपोर्टर – पवन कुमार झा आजाद, बिहार/ झारखंड :- भोजपुर जिले अंतर्गत शाहपुर प्रखंड़ सह थाने के प्रशासन के कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। वे वर्षों से प्रखंड, अंचल प्रशासन में व्याप्त अनियमितता, भ्रष्टाचार को लेकर आक्रामक थे। बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी जन जन की आवाज बन चुके थे। हाल में भी कयी विषयों मामले में लिखित आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। मगर कोई समुचित कार्रवाई की बात तो दूर कोई जबाब, रिस्पांस नहीं आजतक मिला। ठीक इसके उलट आवाज को दबाने के लिए पूरी सुनियोजित तरीके से साजिश रचकर शिकार किया गया है। जानकारी के अनुसार भरत तिवारी, क्षेत्र में बीडीओ,सीओ,थाना , डीएसपी और जिला प्रशासन की रडार पर थे। और साजिश के तहत फर्जी एनकाउंटर के बहाने पूरी हत्या करने की योजना बनाई गई। और घटना सबके सामने है। और अब तो पूरा सच का खुलासा हो गया है। पीड़ित परिवार में उनकी माता, पिता, और भाई आरोपित पुलिस कर्मियों की उच्च स्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हजारों, लाखों ग्रामीण और क्षेत्र के लोग अभी तक न्यायोचित समुचित कार्रवाई नहीं किए जाने से आक्रोशित हैं। विरोध प्रदर्शन लगातार कर रहे हैं। बिहार झारखंड रविवार, 21 जून,2026 को भरत तिवारी के गांव व परिवार में पहुंचकर जीरो ग्राउंड की स्थिति का जायजा लिया। परिजनों ने सीएम, बिहार व प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार से संपूर्ण मामले में समय रहते कठोर कार्रवाई की मांग की है। सवाल है कि प्रशासन व सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार अनियमितताओं मामले को दबाने के लिए पीड़ित परिवार की मांग पूरी नहीं की जा रही है। ताकि दिवंगत सिर्फ सिर्फ 20 वर्ष का जांबाज, क्रांतिकारी युवक भरत तिवारी को न्याय मिल सके। उनके परिवार की ओर से फर्जी एनकाउंटर के बहाने कथित हत्या की प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है।
बिहार के आरा/ भोजपुर जिले का लाल,, क्रांतिवीर की कथित हत्या से आक्रोश।
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