रिपोर्टर – कामेश अग्रवाल :- बारिश के पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण अनसिंग बसस्थानक के सामने मुख्य सड़क पर बड़े पैमाने पर पानी जमा हो गया है और सड़क ने अक्षरशः तालाब का रूप धारण कर लिया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की लापरवाही के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने अनोखे तरीके से आंदोलन किया। सड़क पर जमा पानी को ‘तालाब’ नाम देते हुए उसका प्रतीकात्मक उद्घाटन कर प्रशासन के कामकाज का विरोध किया गया। अनसिंग बसस्थानक आसपास के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक, यात्री, विद्यार्थी, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांग व्यक्ति आवागमन करते हैं। लेकिन बारिश का पानी सड़क पर जमा होने के कारण नागरिकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों एवं अन्य वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सड़क की स्थिति भी दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर 3 अगस्त 2026 को सार्वजनिक निर्माण विभाग को ज्ञापन दिया गया था। सड़क पर जमा पानी की स्थायी निकासी के लिए तत्काल उपाययोजना करने तथा सड़क की मरम्मत करने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई थी। हालांकि, ज्ञापन देने के बावजूद अपेक्षित ठोस कार्रवाई नहीं होने की बात सामाजिक कार्यकर्ता यश चव्हाण ने कही। बार-बार पानी जमा होने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा स्थायी समाधान नहीं किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। बारिश का पानी निकलने के लिए उचित नाली, गटर अथवा जलनिकासी व्यवस्था बनाने के बजाय प्रशासन केवल स्थिति को देखता रहेगा क्या, ऐसा सवाल नागरिकों ने उठाया है। इसी के चलते 13 अगस्त 2026 को सड़क पर जमा पानी को ‘तालाब’ बताते हुए उसका प्रतीकात्मक उद्घाटन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता विठ्ठल माणिकराव सातव, यश सतीश चव्हाण, वजीर भाई, कामेश अग्रवाल, राजकुमार मानधणे, गजानन कुठे, जगन कापसे, सलमान मिर्झा, नितीन चव्हाण, चंद्रकांत ठाकरे, ज्ञानेश्वर ढोके, राजू ठाकूर, संतोष ठाकरे, अनंता लांडगे, सागर सातव, प्रशांत ढगे, सुरेश सातव, अमोल पोहरकर, शुभम काळे, गोपाल पवार, अनिल राठोड, ईश्वर शिंदे, अनंता ढोके, राहुल भालेराव सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक एवं यात्री उपस्थित थे। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता यश चव्हाण ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आंदोलन के बाद भी यदि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस समस्या पर तत्काल एवं स्थायी कार्रवाई नहीं की, तो आगामी समय में आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। नागरिकों की दैनिक समस्याओं और सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे की अनदेखी किए जाने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यालय में अभियंता के कक्ष के सामने धरना आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। सड़क पर जमा पानी केवल नागरिकों के लिए परेशानी का कारण नहीं बन रहा, बल्कि इससे सड़क को भी बड़े पैमाने पर नुकसान होने की संभावना है। पानी से होकर आवागमन करने के दौरान दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्कूली विद्यार्थियों, महिलाओं और दिव्यांग नागरिकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए केवल अस्थायी मरम्मत न करते हुए बारिश के पानी की स्थायी निकासी व्यवस्था कर सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत करने की मांग नागरिकों ने की है। उसी तरह सामाजिक कार्यकर्ते कामेशजी अग्रवाल इनो ने स्व खर्चासे वहा पर मुरूम डालने से परेशानी कम हुई है “जब तक सड़क तालाब नहीं बन गई, तब तक प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया; अब तो जाग जाइए। नागरिकों के धैर्य की परीक्षा न लें,” ऐसा संतप्त इशारा सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने दिया। अब सार्वजनिक निर्माण विभाग इस आंदोलन की दखल लेकर मौके पर प्रत्यक्ष निरीक्षण करता है और स्थायी समाधान करता है या फिर नागरिकों को केवल आश्वासनों पर ही संतोष करना पड़ेगा, इस ओर अनसिंगकरों का ध्यान लगा हुआ है। आंदोलन के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से बंदोबस्त भी तैनात किया गया था।
अनसिंग बसस्थानक के सामने सड़क का ‘तालाब’ में रूपांतरण; तालाब का उद्घाटन कर नागरिकों का अनोखा आंदोलन..!
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