रिपोर्टर – पवन झा आजाद, बिहार/ झारखंड :- बिहार के बहुचर्चित भोजपुर व बिहार के लाल दिवंगत शहीद भरत भूषण तिवारी जी हत्याकांड मामले में सनसनीखेज खुलासा, विभिन्न उच्च स्तरीय और गोपनीय जांच में पुलिस पदाधिकारी दोषी पाए गए, पांच अलग-अलग पदाधिकारी कर्मियों को पिस्टल से भरत तिवारी को गोली मारकर हत्या की गई,1400 करोड़ गबन घोटाले मामले को अधिकारी पुलिस दबाना चाहती थी। एंबिहार अंतर्गत बहुचर्चित भोजपुर व बिहार का लाल सच्चे सपूत दिवंगत भरत भूषण तिवारी जी की हत्याकांड मामले में सनसनीखेज खुलासा किये जाने से मामला केश में नया मोड़ आ गया है एक याचिका हिंदुस्तान की पहली नागरिक सह महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू को अपने स्तर स्तर से हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई थी। जिसमें महामहिम राष्ट्रपति ने बिहार के मुख्य सचिव को शीघ्र उच्च स्तरीय गोपनीयता से जांच कर कार्रवाई करने का आदेश पारित किया था। मामले में बिहार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच में सभी पुलिस जगदीशपुर एसडीपीओ,एसडीओ सहित कयी स्थानीय पुलिस कर्मी दोषी पाए गए हैं। जांच में स्पष्ट हो गया है भरत दिया जी की इरादा नीयत से जानबूझकर साजिश के तहत हत्या की गई है।जिसका भोजपुर क्षेत्र अंतर्गत एक प्रेस सम्मेलन संवाददाता सम्मेलन में उच्चतम न्यायालय के युवा अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने पुख़्ता जानकारी को खुलासा करते हुए शेयर की है। हालांकि हत्याकांड मामले में अबतक एक एसटीएफ के पुलिस कर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।अब कयी पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी को जेल भेजा जाने का रास्ता प्रशस्त हो गया है। आरोपित शीघ्र गिरफ्तार किए जाएंगे। क्योंकि भोजपुर जिले आरा जिला न्यायालय से आरोपितों को गैर जमानती वारंट जारी करने की प्रकिया शुरू कर दी गई है। जिसकी पुष्टि की गई है । अंत्यपरीक्षण रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि की गई है। जिसमें पहले पहल तीन गोलियां और पंद्रह मिनट के बाद दो और गोलियां भरत तिवारी को मारी गई थी। तीन गोलियां के मारे जाते पर भी भरत तिवारी जिंदा था। इसके अनेकानेक कयी साक्ष्यों उपलब्ध करायें गये। इतना नहीं यह भी साफ़ हो गया है बिल्कुल कि सामाजिक कार्यकर्ता व क्रांतिवीर भरत तिवारी द्वारा 1400 करोड़ रुपए गबन मामले को समाचार माध्यमों में उजागर एकृसपोज कर दिया गया था। मामले को दबाने भरत तिवारी जी की हत्याकांड साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया था। मानव उच्च न्यायालय में भी मामला चल रहा है।अब जबकि नतीजे सामने आ भी गये हैं। संपूर्ण मामले में मास मीडिया, सोशल मीडिया का अहम योगदान रहा है। जिसमें एक तरह से मीडिया ट्रायल की तरह से सभी सक्रिय पत्रकारों ने खबर लगातार चलाईं है। मीडिया रिपोर्ट और लोगों के समर्थन से राष्ट्रीय आंदोलन का रुप ले लिया भरत तिवारी हत्याकांड का मामला। बिहार झारखंड भारत सुर्खियां राष्ट्रीय दैनिक ने भी प्रमुखता से जीरो ग्राउंड पर जाकर मामला को उजागर किया।
बिहार के बहुचर्चित भोजपुर व बिहार के लाल दिवंगत शहीद भरत भूषण तिवारी जी हत्याकांड मामले में सनसनीखेज खुलासा
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